------------अजहर मसूद हाजिर हो-------------
दृश्य एक-पाकिस्तान की एक अदालत जहां अपने वादे के मुताबिक पाकिस्तान भारत में आंतक फैला रहे आंतकवादियों पर कार्रवाही(सम्मान) करने वाला है..
संतरी- अजहर मसूद हाजिर हो
सिपाही-मीलार्ड मसूद सॉब अभी खाना खा रहे हैं
जज-कोई बात नही जब फ्री हो जाए तब उन्हें पेश करना तब तक उनके कारनामे बयां किये जाए..
सरकारी वकील-हुजुर अजहर मसूद सॉब जिन्हे भारत सरकार आंतकवादी कहती है वास्तव में जेहादी है..और जेहाद के लिए काम कर रहे है
जज-कैसा जेहाद
मौन........
संतरी, अजहर मसूद सॉब अदालत में तशरीफ ला रहे है
मसूद-अजहर मसूद का जज सॉब को सलाम
जज-सलाम मसूद कैसे हो
मसूद-जी बढ़ियां
जज-और काम कैसा चल रहा है
मसूद-जी आप टीवी पर सब देखते तो रहते है और नबंवर वाला तो आपने लाइव देखा होगा
जज-हां अपने पाकिस्तानी कलाकार(आंतकवादी) इंडिया के टीवी चैनलों पर खूब छाए हुए है..शकील और अल्ताफ को देखकर तो हम बोर हो गये थे...अच्छा छोड़िए कुछ लेंगे ठंडा गरम
मसूद-नही शुक्रिया अभी खाना खाया है
जज-तो आपकी परमीशन हो तो कार्रवाही शुरु की जाए
मसूद -हां बिलकुल पर जल्दी खत्म किजिएगा बड़े सॉब से आंधे घंटे में मीटिंग है
जज-जी जी,वो सरकार की तरफ से दो ऑबजर्बर आने वाले थे वो आ गये
सरकारी वकील-मीलार्ड वो रास्तें में एक बार पड़ता है वहीं रुक गये है आप कार्रवाही शुरु किजिए मैं आदेश की कॉपी उनको दे दूंगा
जज-सरकारी वकील कार्रवाही शुरु की जाए
सरकारी वकील-हमारे पड़ोसी मुल्क का आरोप है कि वहां जो धमाके हो रहे है उसमें मसूद सॉब का हाथ है..
मसूद आरोपों पर आपका क्या कहना है..
जज-हजूर फालतू बात है..मेरा कोई हाथ बाथ नही है..ये सब भाईजान का खेल है..कहो तो फोन करके बुलाउ..वो भी अभी इस्लामाबाद में है..
जज-क्या बेकार की बात करते हो किसी ने देख लिया तो फिर सफाई देनी पड़ेगी ..
सरकारी वकील-मीलार्ड अजहर सॉब पर काफिर होने का आरोप है
मसूद- हुजुर ये आरोप तो सरासर बेबुनियाद है..काफिर तो हिंदुस्तान के मुसलमान हो गये है
जज-कैसे
मसूद -हजूर हमारे ही भाई हमारे विरोध में जगह जगह मोमबत्ती लेकर जुलूस निकाल रहे है..पचास साल से उनको समझा रहे है उनका मुल्क पाकिस्तान है लेकिन उनकी समझ में नही आता..और अब तो हालत और भी बदतर हो गये है हिंदू मुस्लिम साथ मिलकर रह रहे है हमारा विरोध कर रहे और सबसे बड़ी मुश्किल ये है कि त्योहार भी साथ मिलकर मनाने लगे है
जज-कैसे
मसूद -अब आप बताईये ईंद किसका त्यौहार है हमारा ना..लेकिन हिंदु मुस्लिम मिलकर ईद मना रहे है..और गले मिल रहे है..और हद तो ये है कि होली और दिवाली मुसलमान मनाने लगे है.रक्षा बंधन पर भारत के मुसलमानों के हाथों में राखियां बंधी देखी जा सकती है..मजारों पर हिंदू जाते है...तो मुसलमान भाई रामलीला देखने लगे है ..ये काफिरपन नही है तो क्या है..हम समझाते है तो हमारे खिलाफ फतवे जारी किये जा रहे है हमारे लोगों को कब्रिस्तानों में जगह नही दी जा रही...अब आप बताईयें अगर ऐसे ही खराब हालात रहे तो क्या हमारे मंसूबे कभी पूरे हो पाएगें..पहले दंगे भी हो जाते थे अब वो भी मुश्किल होते जा रहे है..भाईचारा कमेटी बनाकर शांति बना ली जाती है..महोदय हम समझाते है तो हमें काफिर कहा जाता है
आप ही फैसला कीजिए..
जज-मसूद क्या भारत में वास्तव में इतने खराव हालात हो गये है..
मसूद जी हुजूर
जज-अब क्या किया जाए..
मसूद-आप मुझे कुछ समय दीजिए मैं कुछ नया सोचता हूं..एक हो रहे इन दो समुदायों को कैसे अलग किया जाए
जज-ठीक बात..
मसूद मैं चलूं सर
जज-बस दो मिनिट औऱ फैसला तो सुना दूं
मसूद आप फैसला सुनाते रहना मैं बड़े सॉब के साथ मीटिंग के लिए लेट हो रहा हूं..
जज-ठीक है एक हथकड़ी लगा फोटों खिंचा कर भेज देना..मीडिया ,भारत और यूएन के पास भेजना है
मसूद-ठीक है शाम तक भिजवा दूंगा
जज-तमाम आऱोपों को सुनने के बाद अदालत ये हुक्म देती है..कि पाकिस्तान में आंतक के लिए कोई जगह नही है लेकिन अजहर मसूद एक जेहादी है और जेहाद के लिए काम करते है..कोर्ट भारत सरकार से किये गये कड़े कदम के वादे के मुताबिक अजहर महमूद को पांच साल की सजा सुनाती है इस सजा के मुताबिक अजहर महमूद को पांच साल तक इस्लामबाद के फाइव स्टार होटल में नजरबंद रखा जाए..उनको खाने के लिए चिकन और शाही डिश के अलावा अन्य कोई भी डिश देने की मनाही है.साथ ही जब भी मसूद कहीं जाना चाहे उनके सुरक्षा के लिए पचास सिपाही हमेशा साथ रहे...अदालत उनके संगठन पर भी पांच साल के लिए पांबदी लगाती है और रजिस्ट्रार को हुक्म देती है..यदि मसूद कोई नया संगठन रजिस्टर कराना चाहे तो दो दिन में उनके संगठन का रजिस्ट्रेशन किया जाए.. साथ ही सरकार मसूद को पांच साल नजरबंद की सजा औऱ संगठन पर बैन की जानकारी भारत सरकार और यूएन को भी दे जिससे उन्हे पता चले कि पाकिस्तान में किसी आंतकवादी को बख्शा नही जाएगा..(लेकिन जेहादी को छेडा़ नही जाएगा)और पाकिस्तान आंतकवाद के साथ माफ कीजिए आंतकवाद के खिलाफ विश्व के साथ है..आज का फैसला पाकिस्तान के इतिहास में एक मिसाल बनेगा
इसी के साथ आज की कार्रवाही मुलतबी की जाती है
विजय संत
गुरुवार, 24 दिसंबर 2009
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें